तैराक अपना मनोबल क्यों खो देते है ?

इससे फर्क नहीं पड़ता है की आप कितने अच्छे तैराक है क्युकी तैराक होता तो इन्सान ही है और हर खिलाड़ी चाहे वो कोई ओलिंपियन हो चाहे कोई स्टेट लेवल का खिलाड़ी हो, वे सभी अपने कॉन्फिडेंस को कही ना कही हर समय एक सामान्य लेवल पर रखने की कोशिश करते है| सेल्फ कॉन्फिडेंस के कारण ही हम किसी काम को सही हो अच्छे तरीके से कर सकते है| ऐसे बहुत से कारणों की वजह से हम अपना कॉन्फिडेंस खो देते है जैसे:- STRESS, गलत लोगो के बीच में रहना जो मनोबल को तोड़ने की कोशिश करते है, लेकिन इस आर्टिकल में आपको कुछ खास चीजों के बारे में पता चलेगा जो अक्सर तैराकों का मनोबल तोड़ देती है|

कभी हम सबसे अव्वल पर होते है लेकिन कभी हम सबसे निचे इनके बीच का फर्क सिर्फ इतना है की कभी हम कॉन्फिडेंस में होते है और कभी ओवर कॉन्फिडेंस में, जब हम अपने परफॉरमेंस में निचे की और गिरते है तो हमारे मन में भाविष्य को लेकर खराब विचार आना शुरू हो जाता है जबकि उस समय हमे सेल्फ कॉन्फिडेंस की सबसे ज्यादा जरुरत होती है| अक्सर तैराक अपने परफॉरमेंस को लेकर बहुत चिंता में रहते है जबकि ये सब जानते है की जो हो चूका है उसको बदला नहीं जा सकता लेकिन अगर एक बार मन बना लिया जाये तो आने वाले समय में अच्छी परफॉरमेंस करके उसको मिटाया जा सकता है|

दुसरे तैराकों से तुलना करना:-

ये बहुत आम बात है की नए तैराक बड़ी जल्दी ही खुद को अपने से अच्छे तैराकों से तुलना करने में लग जाते है जो की बिलकुल ही गलत है तैराकों को ये ना कर के अपने अभ्याश पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए| बहुत से तैराक जो अभी 20-21 साल के है वो अभी 100m बटरफ्लाई में सायद ही 1:00min करते होंगे अगर वो अपनी तुलना “Joseph schooling”(100m butterfly GOLD in Rio2016 olympics) से करने लगे तो सायद वो तैरना ही छोड़ दे, इसलिए सिर्फ कठिन परिश्रम ही तैराकों को उनकी सही मंजिल तक ले जा सकती है|  

सही टारगेट ना चुनना:-

अगर तैराकों को सही दिशा में जाना है तो सबसे पहले एक टारगेट होना बहुत जरुरी है कभी जल्दीबाजी में कोई फैसला लेने से बचना चाहिये| तैराकों को हर दिन के लिए एक टारगेट रखना चाहिए और पूरी कोशिश करनी चाहिए की वो उसको हासिल कर ले, और तबतक प्रयाश करना ना छोड़े जबतब वो उसे हासिल ना कर ले, इससे तैराकों का आत्मबल भी बढ़ेगा और परफॉरमेंस भी अच्छी होगी|

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About Sanuj Srivastava

Sanuj Srivastava

Sanuj Srivastava born on January 19th, 1996 in INDIA. He started to love Water at the age of 13 and his friends named him "Gold fish", He graduated in Bachelor of science in Physics, Chemistry and Mathematics in 2016. He is a passionate learner and a student who also happens …

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