एक अच्छी ब्रीथिंग लेने की तकनीक के पीछे का विज्ञान

ये पोस्ट स्विमिंग करते वक्त साँस लेने के सही तरीके के बारे में है, उचित तरीके से साँस लेने की तकनीक सीखना अक्सर तैराकों के लिए प्रमुख चुनौतियों में से एक रहा है। फ्रीस्टाइल तैराकी में दो साधारण तरीके है साँस लेने के लिए जो की क्रमशा एकतरफा(Unilateral) और  द्विपक्षीय(Bilateral) हैं। इसके अलावा, एक अच्छा साँस लेने की तकनीक तैराक को पानी की रुकावट को कम करने में मदद करता है।

एकतरफा श्वास और द्विपक्षीय श्वास

1.एकतरफा श्वास(unilateral breathing):-

एकतरफा सांस को समझने से पहले ही इसके नाम से ही पता चल रहा है की इसमें किसी एक तरफ की बात हो रही है, या हो आप दायें या फिर बाएँ तरफ से श्वास लेते है और इसका मतलब ये भी है की आप हर दूसरे स्ट्रोक पर या प्रति स्ट्रोक सांस ले रहे हैं।

  • आप हमेशा एक ही पक्ष (केवल बाएँ या केवल दाएं) पर में सांस लेते हैं।
  • इस तकनीक का इस्तेमाल कम दुरी वाली तैराकी प्रतियोगिता के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • इस तरह की श्वास लेने की तकनीक में आपके शरीर को ऑक्सीजन अच्छी मात्रा में मिलती है।

2.द्विपक्षीय श्वास(Bilateral Breathing):-

द्विपक्षीय सांस लेने में, अक्सर तैराक दो स्ट्रोक या तीसरे स्ट्रोक के बाद सांस लेता है। इस तरह की साँस लेने की तकनीक में तैराक हर 2 या 3 स्ट्रोक के बाद सांस लेने के लिए दाये से बाए बदलता है| यह पैटर्न आमतौर पर लंबी दूरी की तैराकी प्रतियोगिताओ में इस्तेमाल किया जाता है|  

  • इसके अलावा ये तकनीक फिटनेस तैराकों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।
  • इससे तैराको को अपने अगल-बगल के तैराकों की स्तिथि का पता भी आसानी से चल जाता है|

इन निम्नलिखित बातों पर ध्यान केंद्रित करे:-

  • श्वास छोड़ते(Exhaling) वक्त पूरी तरह से साँस छोड़े जब तक आपके फेफड़ों में से पूरी तरह से खाली न हो जाये|
  • एक ओर सिर को मोड़ कर श्वास लेने का अभ्याश करते रहे।
  • जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी श्वास लेके सिर को वापस पानी में करे।

इसे दोहराएँ जब तक आप इसपर एक अच्छी पकड़ ना बना ले और श्वास के साथ सहज महसूस ना करने लगे|

एक अच्छी ब्रीथिंग लेने की तकनीक के पीछे का विज्ञान

  • एक सामान्य आदमी शरीर द्वारा ली गयी सांस का आम तौर पर केवल 75% ही अपने फेफड़ों से हवा छोड़ता है। और फेफड़ों में 25% शेष बासी रह जाती है।
  • आप अपने फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए और अपने प्रदर्शन में सुधार के लिए कुछ ड्रिल्स का निरतर अभ्याश कर सकते है|  

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About Sanuj Srivastava

Sanuj Srivastava

Sanuj Srivastava born on January 19th, 1996 in INDIA. He started to love Water at the age of 13 and his friends named him "Gold fish", He graduated in Bachelor of science in Physics, Chemistry and Mathematics in 2016. He is a passionate learner and a student who also happens …

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